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वाराणसी जैसे शहरों में बेघर और सड़क पर रहने वाले बच्चों का मुद्दा गंभीर है। फुटपाथ या सड़क केवल उनके सोने की जगह नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन की कठोर वास्तविकता है।
असुरक्षित परिस्थितियों और सुविधाओं के अभाव में सड़क पर रहने वाले इन बच्चों का जीवन बहुत कठिन होता है। अक्सर स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ पानी और आश्रय की कमी के कारण वे बीमारियों का शिकार होते हैं। [1, 2]
यदि आपको अपने आस-पास (वाराणसी क्षेत्र में) सड़क पर कोई बच्चा अकेला या सोते हुए दिखे, तो उनकी मदद करने और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने के लिए आप तुरंत चाइल्डलाइन (Childline India) के राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 1098 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सेवा 24/7 चालू रहती है। इसके अलावा, आप उत्तर प्रदेश पुलिस की हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी कॉल कर सकते हैं। [1, 2]
यदि आप इन सड़क पर रहने वाले बच्चों या बेघर परिवारों की मदद करने के इच्छुक हैं, तो मुझे बताएं:
- क्या आप किसी स्थानिक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के संपर्क खोजना चाहते हैं?
- क्या आप उन्हें शिक्षा या पुनर्वास (Rehabilitation) सहायता प्रदान करने के तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं?

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